कोशिका(Cells) की संरचना, प्रकार व कार्य Amazing guide in Hindi, with 8 FAQ

Cells (कोशिका) जीवों की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई हैं। जानिए कोशिका की संरचना, प्रकार, कार्य, खोज, और महत्व की पूरी जानकारी हिंदी में।


कोशिका क्या है? 

हमारे आसपास मौजूद प्रत्येक जीव—चाहे मनुष्य हो, पौधा हो या सूक्ष्म जीव—सभी का शरीर छोटी-छोटी इकाइयों से मिलकर बना होता है। इन इकाइयों को कोशिका (Cell) कहा जाता है। कोशिका जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।

सरल शब्दों में कहें तो जिस प्रकार ईंटें मिलकर एक भवन का निर्माण करती हैं, उसी प्रकार लाखों-करोड़ों कोशिकाएँ मिलकर जीवों का शरीर बनाती हैं। कोशिका जीवित प्राणियों के जीवन की मूल इकाई है क्योंकि जीवों में होने वाली लगभग सभी जैविक क्रियाएँ कोशिकाओं के अंदर ही संपन्न होती हैं।

इसी कारण कोशिका (cells) को जीवन की आधारभूत इकाई कहा जाता है।


– कोशिका की खोज (Discovery of Cells) :

कोशिका की खोज का श्रेय अंग्रेज वैज्ञानिक Robert Hooke को जाता है। वर्ष 1665 में उन्होंने कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े को सूक्ष्मदर्शी से देखा। उसमें उन्हें मधुमक्खी के छत्ते जैसी अनेक छोटी-छोटी संरचनाएँ दिखाई दीं। उन्होंने इन संरचनाओं को “कोशिका” का नाम दिया।

इसके बाद:

  • Antonie van Leeuwenhoek ने जीवित कोशिकाओं का अवलोकन किया। उन्हें “सूक्ष्म जीव विज्ञान का जनक” कहा जाता है।
  • Matthias Schleiden ने बताया कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने हैं।
  • Theodor Schwann ने सिद्ध किया कि सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं।
  • Rudolf Virchow ने कहा कि प्रत्येक नई कोशिका पहले से मौजूद कोशिका से उत्पन्न होती है।

• कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) :

कोशिका सिद्धांत जीव विज्ञान का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। कोशिका सिद्धांत का प्रतिपादन Matthias Schleiden और Theodor Schwann ने किया।

इसके अनुसार:

  1. सभी जीव कोशिकाओं(cells) से बने होते हैं।
  2. कोशिका जीवों की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  3. कोशिकाओं में ही वंशानुगत गुणों का संचरण होता है।
  4. नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं।

◊ कोशिका की संरचना (Structure of Cells) :

सामान्यतः प्रत्येक कोशिका तीन मुख्य भागों से मिलकर बनी होती है

1. कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) –

कोशिका झिल्ली कोशिका की बाहरी सीमा बनाती है। इसे अर्धपारगम्य झिल्ली भी कहा जाता है।

कार्य –

  • कोशिका को सुरक्षा प्रदान करना।
  • पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करना।
  • कोशिका को निश्चित आकार देना।

2. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) –

कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच उपस्थित जैली जैसा पदार्थ कोशिका द्रव्य कहलाता है।

कार्य –

  • कोशिकांगों को सहारा प्रदान करना।
  • भी कोशिकांग इसी में पाए जाते हैं।
  • जैव-रासायनिक क्रियाएँ यहीं होती हैं।
  • कोशिका को सक्रिय बनाए रखता है।

3. केंद्रक (Nucleus) –

केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है। केंद्रक को कोशिका का “मस्तिष्क” कहा जाता है।

कार्य –

  • आनुवंशिक जानकारी संग्रह करना।
  • कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करना।
  • To control cell division.

♦ कोशिकांग (Cell Organelles) :

कोशिकाओं के अंदर पाए जाने वाले विशेष कार्य करने वाले भागों और संरचनाओं को कोशिकांग कहते हैं।

1. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)-

इसे कोशिका का “Powerhouse” कहा जाता है।

कार्य –

  • ऊर्जा (ATP) का निर्माण।
  • श्वसन क्रिया में भाग लेना।

2. राइबोसोम (Ribosomes) –

राइबोसोम को प्रोटीन फैक्ट्री भी कहा जाता है।

कार्य –

  • प्रोटीन संश्लेषण करना।

3. एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum) –

प्रकार –

  1. Rough ER
  2. Smooth ER

कार्य –

  • पदार्थों का परिवहन करना।
  • प्रोटीन और वसा का निर्माण करना।

4. गोल्जी बॉडी (Golgi Apparatus) –

कार्य – प्रोटीन का संशोधन एवं पैकेजिंग करना।


5. लाइसोसोम (Lysosome) –

इसे आत्मघाती थैली कहा जाता है।

कार्य – अपशिष्ट पदार्थों का पाचन करना। मृत कोशिकाओं को विघटित करना।


6. वैक्यूल (Vacuole) –

कार्य – जल एवं पोषक तत्वों का संग्रह करना। कोशिका में दाब बनाए रखना।


7. क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) –

यह केवल पौधों की कोशिकाओं में पाया जाता है।

कार्य – भोजन निर्माण करना। प्रकाश संश्लेषण में सहायक।

cells
animal cell

◊ कोशिका के प्रकार (Types of Cells) :

संरचना के आधार पर मुख्य रूप से कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं |

1. प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic Cell) –

ये सरल एवं आदिम कोशिकाएँ होती हैं।

विशेषताएँ –

  • स्पष्ट केंद्रक नहीं होता।
  • DNA कोशिकाद्रव्य में उपस्थित रहता है।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते।
  • आकार छोटा होता है।

उदाहरण –

  • बैक्टीरिया
  • सायनोबैक्टीरिया

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2. यूकैरियोटिक कोशिका (Eukaryotic Cells) –

ये विकसित एवं जटिल कोशिकाएँ होती हैं।

विशेषताएँ –

  • स्पष्ट केंद्रक उपस्थित होता है।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग पाए जाते हैं।
  • आकार बड़ा होता है।
  • पौधों और जन्तुओं में पाई जाती हैं।

उदाहरण –

  • मानव कोशिका
  • पौधों की कोशिका
  • कवक कोशिका
  • प्रोटिस्ट


पादप एवं जंतु कोशिका में अंतर :

आधार पादप कोशिका जंतु कोशिका
कोशिका भित्ति उपस्थित अनुपस्थित
क्लोरोप्लास्ट उपस्थित अनुपस्थित
वैक्यूल बड़ा छोटा
आकार निश्चित अनिश्चित
सेंट्रोसोम  नहीं  उपस्थित
भोजन निर्माण कर सकती है नहीं कर सकती

कोशिका का आकार और आकृति –

              कोशिकाओं का आकार एवं आकृति सभी जीवों में समान नहीं होती। कुछ कोशिकाएँ गोलाकार, अंडाकार, बेलनाकार, तारा आकार, धागेनुमा हो सकती हैं।

  उदाहरण:

कोशिका आकार
RBC गोल चपटी
तंत्रिका कोशिका लंबी शाखायुक्त
मांसपेशी कोशिका बेलनाकार
शुक्राणु पूँछयुक्त

सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग का अंडा मानी जाती है जबकि सबसे छोटी कोशिकाएँ माइकोप्लाज्मा में पाई जाती हैं।

 

◊ Cell का विभाजन (Cells Division) :

नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को कोशिका विभाजन कहते हैं।

1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) –

विशेषताएँ –

  • एक कोशिका से दो नई कोशिकाएँ बनती हैं।
  • गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
  • वृद्धि और मरम्मत में सहायक।

2. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) –

विशेषताएँ –

  • जनन कोशिकाओं में होता है।
  • गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
  • आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।


◊ कोशिका के कार्य (Functions of Cells) :

कोशिकाएँ जीवित शरीर जीवन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

प्रमुख कार्य –

  1. ऊर्जा उत्पादन – माइटोकॉन्ड्रिया भोजन को ऊर्जा में बदलता है।
  2. प्रोटीन निर्माण – राइबोसोम प्रोटीन का निर्माण करते हैं।
  3. पदार्थों का परिवहन – ER और गोल्जी बॉडी परिवहन कार्य करते हैं।
  4. वृद्धि एवं विकास – नई कोशिकाएँ बनाकर शरीर की वृद्धि करती हैं।
  5. मरम्मत – क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करती हैं।
  6. प्रजनन – नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं।
  7.  प्रतिरक्षा – रोगों से सुरक्षा, रोगों से लड़ने में सहायता करती हैं।

♦ मानव शरीर में कोशिकाओं का महत्व :

मानव शरीर में अनेक प्रकार की कोशिकाएँ पाई जाती हैं। प्रत्येक कोशिका का एक विशेष कार्य होता है। 

  • लाल रक्त कोशिका (RBC) – RBC ऑक्सीजन का परिवहन करती है।
  • श्वेत रक्त कोशिका (WBC) – WBC रोगों से रक्षा करती है।
  • तंत्रिका कोशिका (Neuron) – तंत्रिका कोशिकाएँ संदेश भेजती हैं। संदेशों का संचार करती है।
  • मांसपेशी कोशिका – मांसपेशी कोशिकाएँ शरीर को गति प्रदान करती हैं।
  • अस्थि कोशिका – हड्डियों का निर्माण करती हैं।

कोशिका और ऊतक का संबंध :

समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह ऊतक (Tissue) कहलाता है।

क्रम:-  कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव

उदाहरण:

  • मांसपेशी कोशिकाएँ → मांसपेशी ऊतक
  • तंत्रिका कोशिकाएँ → तंत्रिका ऊतक

• कोशिका से जुड़े रोचक तथ्य :

  1. मानव शरीर में खरबों Cells होती हैं।
  2. सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग का अंडा है।
  3. सबसे छोटी कोशिका माइकोप्लाज्मा बैक्टीरिया की होती है।
  4. लाल रक्त कोशिका में केंद्रक नहीं होता।
  5. माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है।
  6. कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं।
  7. कुछ कोशिकाएँ जीवनभर नहीं बदलतीं, जैसे अधिकांश न्यूरॉन्स।

♦ कोशिका और आधुनिक विज्ञान :

आज के समय में कोशिका का अध्ययन चिकित्सा और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उपयोग –

  • स्टेम सेल थेरेपी
  • कैंसर अनुसंधान
  • जीन थेरेपी
  • वैक्सीन निर्माण
  • ऊतक संवर्धन
  • क्लोनिंग तकनीक
  • रोग निदान

कोशिका विज्ञान (Cytology) क्या है?

कोशिकाओं के अध्ययन से संबंधित विज्ञान की शाखा को कोशिका विज्ञान या Cytology कहा जाता है।

इसमें अध्ययन किया जाता है:

  • Cell Structure
  • कोशिका कार्य
  • कोशिका विभाजन
  • आनुवंशिकी
  • रोगों का विकास

◊ कोशिका का महत्व (Importance of Cells) –

 जीवधारियों के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।

  • शरीर का निर्माण करती है।
  • ऊर्जा उत्पादन करती है।
  • पोषक तत्वों का परिवहन करती है।
  • वृद्धि एवं विकास में सहायता करती है।
  • प्रजनन में भाग लेती है।
  • रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • शरीर की मरम्मत करती है।

निष्कर्ष (Conclusion) :

कोशिका (cells) जीवन की मूल व आधारभूत इकाई है। प्रत्येक जीव का निर्माण कोशिकाओं से होता है और सभी जैविक क्रियाएँ इन्हीं के माध्यम से संचालित होती हैं। कोशिका का अध्ययन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक माना जाता है। कोशिका न केवल शरीर की संरचना बनाती है, बल्कि वृद्धि, ऊर्जा उत्पादन, प्रजनन और विभिन्न जैविक क्रियाओं को भी संचालित करती है। कोशिका की संरचना, प्रकार और कार्यों को समझना जीव विज्ञान की नींव को समझने के समान है | इसलिए कोशिकाओं का अध्ययन जीव विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान तथा जैव प्रौद्योगिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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FAQs (Frequently Asked Questions) :

1. कोशिका (Cells) क्या है?

-कोशिका जीवों की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।

Q. कोशिका की खोज किसने की थी?

-1665 में रॉबर्ट हुक ने कोशिका की खोज की थी।

Q. कोशिका के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?

-कोशिका झिल्ली, कोशिका द्रव्य और केंद्रक।

Q. कोशिका कितने प्रकार की होती है?

-मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है— प्रोकैरियोटिक कोशिका, यूकैरियोटिक कोशिका

Q. कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहते हैं?

-माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है।

Q. पादप कोशिका और जंतु कोशिका में क्या अंतर है?

-पादप कोशिका में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट होते हैं, जबकि जंतु कोशिका में नहीं।

Q. कोशिका विभाजन क्यों आवश्यक है?

-वृद्धि, विकास, मरम्मत और प्रजनन के लिए कोशिका विभाजन (cells division) आवश्यक है।

Q. मानव शरीर में कितनी कोशिकाएँ होती हैं?

-मानव शरीर में लगभग 37 ट्रिलियन कोशिकाएँ होती हैं।

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